दिवस

विश्व तंबाकू निषेध दिवस

स्मोकिंग करने के नुकसान

World No Tobacco Day
332

विश्व तंबाकू निषेध दिवस, स्मोकिंग करने के नुकसान, हर साल सिगरेट से ७० लाख लोगों की मोत, तंबाकू सेवन नहीं करने की शपथ| हर साल दुनियाभर में 31 मई को ‘विश्व तंबाकू निषेध दिवस’ मनाया जाता है। इसे मनाने का मुख्य कारण है स्मोकिंग करने से होने वाली बीमारियों को लेकर जागरुकता फैलाना। साल १९८७ से लगातार इस दिवस का आयोजन हो रहा है। आपके आसपास लोग सिगरेट पीते हैं और आप यह सोचकर तसल्ली कर लेते हैं कि शुक्र है आपको यह लत नहीं तो सावधान हो जाइए। पैसिव स्मोकर्स की हेल्थ को ज्यादा नुकसान पहुंचाता है सिगरेट का धुआं।

हर साल विश्व तंबाकू निषेध दिवस एक थीम के अनुसार मनाया जाता है। इस बार यानि तंबाकू निषेध दिवस २०१९ का थीम की ‘तंबाकू और फेफड़े का स्वास्थ्य’ रखी गई है। अगर आपको सेहत से प्यार है, तो तंबाकू और इससे निर्मित उत्पादों से दूर रहना ही बेहतर रहेगा। क्या आपको मालूम है कि दुनियाभर में प्रतिवर्ष लगभग 70 लाख लोगों की मौतें धूमपान के कारण होने वाली बीमारियों से होती हैं।

आपको गलियों, सड़कों, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, रेस्ट्रॉन्ट जैसी जगहों पर लोग बेधड़क होकर सिगरेट पीते नजर आ जाएंगी। यहां तक कि वर्क प्लेस भी इससे नहीं बचे हैं। अगर आपके आसपास कोई सिगरेट पी रहा है और आप तक यह धुआं पहुंच रहा है तो आप पैसिव स्मोकर हैं। डॉक्टर्स की मानें तो पैसिव स्मोकिंग भी ऐक्टिव स्मोकिंग जितनी ही खतरनाक है। अच्छी सेहत के लिए इस ‘धीमे जहर’ से दूर रहें और तंबाकू उत्पादों का किसी भी रूप में सेवन न करें।

सिगरेट या बीड़ी के धुएं में सबसे हानिकारक रसायनों में से कुछ निकोटीन, टार, कार्बन मोनोऑक्साइड, हाइड्रोजन साइनाइड, फॉर्मलाडीहाइड, आर्सेनिक, अमोनिया, सीसा, बेंजीन, ब्यूटेन, कैडमियम, हेक्सामाइन, टोल्यूनि आदि हैं। ये रसायन स्मोकिंग करने वालों और उनके आसपास वालों के लिए हानिकारक होते हैं। भारत में इससे हर बरस मरने वालों की संख्या लगभग एक मिलियन अर्थात १० लाख तक जा पहुंची है|

Leave a Reply