त्यौहार

वैशाख पूर्णिमा २०१९

सत्यविनायक पूर्णिमा

Baisakhi Purnima 2019
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वैशाख पूर्णिमा २०१९, सत्यविनायक पूर्णिमा, इस पूर्णिमा को ज्योतिष शास्त्र में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है, हिंदू और बौद्ध धर्म में विशेष महत्व है। पौराणिक शास्त्रों में चन्द्रमा को मन का कारक बताया गया है। इसलिए चन्द्रमा के किसी भी रूप का असर सीधे धरती लोक पर जातकों के मन पर पड़ता है। हिन्दू पंचांग और कैलेंडर के अनुसार पूर्ण चंद्रमा का दिन पूर्णिमा कहलाता है। हिन्दू पंचांग में पूर्णिमा के दिन महीना खत्म होता है। इस दिन लोग व्रत करते हैं और सत्यनारायण भगवान की पूजा भी की जाती है।

वैशाखी पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में स्नान और दान का विशेष महत्व बताया गया है| ज्योतिष के जानकारों की मानें तो कि इस दिन जल से भरा हुआ कलश, पकवान और मिठाई के दान से गौदान के समान फल मिलता है| इस बार वैशाखी पूर्णिमा पर सिंहस्थ कुंभ में मुख्य स्नान भी किया गया| महात्मा बुद्ध की जयंती इस दिन मनाई जाती है इस कारण बुद्ध के अनुयायियों के लिये तो यह दिन खास है ही लेकिन महात्मा बुद्ध को भगवान विष्णु का नौवां अवतार भी बताया जाता है जिस कारण यह हिंदू धर्म के अनुयायियों के लिये भी बहुत महत्वपूर्ण दिन माना जाता है।

वैशाख पूर्णिमा २०१९ तिथि व मुहूर्त

वर्ष २०१९ में वैशाख पूर्णिमा १८ मई को है। इस दिन पूर्णिमा उपवास रखा जायेगा।

वैशाख पूर्णिमा तिथि – १८ मई २०१९

पूर्णिमा तिथि प्रारंभ –  ०४:१० बजे (१८ मई २०१९)

पूर्णिमा तिथि समाप्ति –  ०२:४१ बजे (१९ मई २०१९)

पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु की प्रतिमा के सामने घी से भरा हुआ पात्र, तिल और शक्कर स्थापित कर पूजन करना चाहिए। यदि हो सके तो पूजन के समय तिल के तेल का दीपक जलाना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार प्रत्येक पूर्णिमा के दिन सुबह लगभग १० बजे पीपल के वृक्ष पर मां लक्ष्मी का आगमन होता है। जो व्यक्ति इस दिन सुबह उठकर नित्य कर्मों से निवृत्त होकर पीपल के पेड़ पर कुछ मीठा रखकर मीठा जल अर्पण करके धूप अगरबत्ती जला कर मां लक्ष्मी का पूजन करें और माता लक्ष्मी को अपने घर पर निवास करने के लिए आमंत्रित करें तो उस जातक पर लक्ष्मी की कृपा सदा बनी रहती है।

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