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लोकसभा के हंगामे के बीच पेश हुआ तीन तलाक बिल

क्या है तीन तलाक बिल और क्यू नहीं हुआ पास होता है

Triple Talaq
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लोकसभा के हंगामे के बीच पेश हुआ तीन तलाक बिल होता है, क्या है तीन तलाक बिल और क्यू नहीं हुआ पास, किसने किया विरोध| मुस्लिम समाज में एक बार में तीन तलाक यानी कि तलाक-ए-बिद्दत की प्रथा पर रोक लगाने के मकसद से जुड़ा नया विधेयक सरकार शुक्रवार को लोकसभा में पेश करेगी| भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल में मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक देने की प्रथा को समाप्त करने से संबंधित विवादास्पद विधेयक को शुक्रवार को लोकसभा में अपने पहले विधेयक के रूप में पेश किया।

संसद के बजट सत्र के दौरान केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक से निजात दिलाने वाले बिल को लोकसभा में रखा। इसके बाद कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने हंगामा शुरू कर दिया. विपक्ष के विरोध के बीच यह बिल ७४ के मुकाबले १८६ मतों के समर्थन से पेश हुआ| हैदराबाद से सांसद और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस बिल को संविधान विरोधी बताते हुए कहा कि यह संविधान के आर्टिकल १४ और १५ का उल्लंघन है।

तीन तलाक का जिक्र इस्लाम के प्रमुख ग्रंथ कुरान और हदीस में है ही नहीं। एक झटके में तलाक-तलाक-तलाक कह देने की परपंरा ने देश में एक खास जगह बना ली है। जबकि इस्लाम में तलाक देने और लेने के और भी कई तरीके मौजूद हैं जिससे मुस्लिम महिलाओं का भला होता है।

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल और १७ वीं लोकसभा का पहला सत्र चल रहा है। भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के द्वारा गुरुवार को दिए गए अभिभाषण के बाद औपचारिक तौर पर संसद सत्र की शुरुआत हो गई है। कोविंद ने संसद के संयुक्त सत्र में अपने अभिभाषण में मोदी सरकार के एजेंडे को पेश किया। तो वहीं आज तीन तलाक (ट्रीपल तलाक) पर प्रतिबंध के लिए केंद्र सरकार ने लोकसभा में नया विधेयक पेश कर दिया है।

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