धर्म

शिव मंत्र

शिव मूल मंत्र

Lord Shiv
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शिव मंत्र,  इन्हें देवों का देव महादेव भी कहा जाता है। शिवजी की आराधना का मूल मंत्र तो ऊं नम: शिवाय ही है। शिव जी हिंदू धर्म के भगवान हैं। लेकिन इस मंत्र के अतिरिक्त भी कुछ मंत्र हैं जिनसे भगवान शिव बेहद प्रसन्न हो जाते हैं।

भगवान शिव के मंत्र

मनोवांछित फल पाने के लिए शिवजी के मंत्र, मनोवांछित फल प्राप्त करने के लिए शिव जी के इस मंत्र का जाप करना चाहिए|

मनोवांछित फल शिव मंत्र

नागेंद्रहाराय त्रिलोचनाय भस्मांग रागाय महेश्वराय

नित्याय शुद्धाय दिगंबराय तस्मे न काराय नम: शिवाय:॥

मंदाकिनी सलिल चंदन चर्चिताय नंदीश्वर प्रमथनाथ महेश्वराय

मंदारपुष्प बहुपुष्प सुपूजिताय तस्मे म काराय नम: शिवाय:॥

शिवाय गौरी वदनाब्जवृंद सूर्याय दक्षाध्वरनाशकाय

श्री नीलकंठाय वृषभद्धजाय तस्मै शि काराय नम: शिवाय:॥

अवन्तिकायां विहितावतारं मुक्तिप्रदानाय च सज्जनानाम्।

अकालमृत्यो: परिरक्षणार्थं वन्दे महाकालमहासुरेशम्।।

स्वास्थ्य प्राप्ति के लिए शिवजी के मंत्र, निरोग रहने और अच्छे स्वास्थ्य के लिए शिव जी के इस मंत्र का जाप करना चाहिए|

स्वास्थ्य प्राप्ति शिव मंत्र

सौराष्ट्रदेशे विशदेऽतिरम्ये ज्योतिर्मयं चन्द्रकलावतंसम्।

भक्तिप्रदानाय कृपावतीर्णं तं सोमनाथं शरणं प्रपद्ये ।।

कावेरिकानर्मदयो: पवित्रे समागमे सज्जनतारणाय।

सदैव मान्धातृपुरे वसन्तमोंकारमीशं शिवमेकमीडे।।

शिव जी की पूजा के दौरान इन मंत्रो का जाप करना चाहिए|

शिव पूजा मंत्रो जाप

शिव जी की पूजा के दौरान इस मंत्र के द्वारा उन्हें स्नान समर्पण करना चाहिए-

ॐ वरुणस्योत्तम्भनमसि वरुणस्य सकम्भ सर्ज्जनीस्थो |

वरुणस्य ऋतसदन्यसि वरुणस्य ऋतसदनमसि वरुणस्य ऋतसदनमासीद् ||

भगवान शिव की पूजा करते समय इस मंत्र के द्वारा उन्हें यज्ञोपवीत समर्पण करना चाहिए|

शिव पूजा मंत्र

ॐ ब्रह्म ज्ज्ञानप्रथमं पुरस्ताद्विसीमतः सुरुचो वेन आवः |

स बुध्न्या उपमा अस्य विष्ठाः सतश्च योनिमसतश्च विवः ||

शिवजी की पूजा में इस मंत्र के द्वारा भगवान भोलेनाथ को गंध समर्पण करना चाहिए|

शिव पूजन मंत्र

ॐ नमः श्वभ्यः श्वपतिभ्यश्च वो नमो नमो भवाय च रुद्राय च नमः |

शर्वाय च पशुपतये च नमो नीलग्रीवाय च शितिकण्ठाय च ||

शिव की पूजा में इस मंत्र के द्वारा अर्धनारीश्वर भगवान भोलेनाथ को धूप समर्पण करना चाहिए|

भगवान शिवजी मंत्र

ॐ नमः कपर्दिने च व्युप्त केशाय च नमः सहस्त्राक्षाय च शतधन्वने च |

नमो गिरिशयाय च शिपिविष्टाय च नमो मेढुष्टमाय चेषुमते च ||

भगवान भोलेनाथ की पूजा के दौरान इस मंत्र के द्वारा त्रिलोचनाय भगवान शिव को पुष्प समर्पण करना चाहिए|

शिव पुष्पांजली मंत्र

ॐ नमः पार्याय चावार्याय च नमः प्रतरणाय चोत्तरणाय च |

नमस्तीर्थ्याय च कूल्याय च नमः शष्प्याय च फेन्याय च ||

इस मंत्र के द्वारा चन्द्रशेखर भगवान भोलेनाथ को नैवेद्य अर्पण करना चाहिए|

शिव नैवेद्य मंत्र

ॐ नमो ज्येष्ठाय च कनिष्ठाय च नमः पूर्वजाय चापरजाय च |

नमो मध्यमाय चापगल्भाय च नमो जघन्याय च बुधन्याय च ||

शिव पूजा के दौरान इस मंत्र के द्वारा भगवान शिव को ताम्बूल पूगीफल समर्पण करना चाहिए|

भगवान शिव पूजा मंत्र

ॐ इमा रुद्राय तवसे कपर्दिने क्षयद्वीराय प्रभरामहे मतीः |

यशा शमशद् द्विपदे चतुष्पदे विश्वं पुष्टं ग्रामे अस्तिमन्ननातुराम् ||

भगवान शिव की पूजा करते समय इस मंत्र से भोलेनाथ को सुगन्धित तेल समर्पण करना चाहिए|

भगवान शिव पूजन मंत्र

ॐ नमः कपर्दिने च व्युप्त केशाय च नमः सहस्त्राक्षाय च शतधन्वने च |

नमो गिरिशयाय च शिपिविष्टाय च नमो मेढुष्टमाय चेषुमते च ||

इस मंत्र के द्वारा भगवान भोलेनाथ को दीप दर्शन कराना चाहिए|

शिव दीप मंत्र

ॐ नमः आराधे चात्रिराय च नमः शीघ्रयाय च शीभ्याय च |

नमः ऊर्म्याय चावस्वन्याय च नमो नादेयाय च द्वीप्याय च ||

इस मंत्र से भगवान शिवजी को बिल्वपत्र समर्पण करना चाहिए-

शिव बिल्वपत्र मंत्र

दर्शनं बिल्वपत्रस्य स्पर्शनं पापनाशनम् |

अघोरपापसंहारं बिल्वपत्रं शिवार्पणम् ||

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