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सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में मंदिर-मस्जिद विवाद मध्यस्थ को सोपा

एफ.एम. कलीफुल्ला, श्री-श्री रविशंकर, श्रीराम पांचू

Ayodhya Temple Babri Mosque
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सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में मंदिर-मस्जिद विवाद मध्यस्थ को सोपा, रिटायर्ड जस्टिस एफ.एम. कलीफुल्ला, श्री-श्री रविशंकर, सीनियर एडवोकेट श्रीराम पांचू| सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले को मध्यस्थता के लिए सौंप दिया। इस मामले में कोर्ट ने रिटायर्ड जस्टिस कलीफुल्ला की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय पैनल का गठन किया है।

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि कोर्ट की निगरानी में मध्यस्थता की प्रक्रिया पूरी तरह से गोपनीय रहेगी और कहा कि मध्यस्थता की प्रकिया की शुरुआत चार सप्ताह में शुरू होनी चाहिए और आठ सप्ताह के अंदर इसे पूरा कर लिया जाना चाहिए।

जस्टिस कलीफुल्ला

स्वर्गीय जस्टिस फकीर मोहम्मद के बेटे हैं| अप्रैल २०१२ में वह सुप्रीम कोर्ट में जज बने थे| २०१६  में वह सुप्रीम कोर्ट से रिटायर हुए| जस्टिस कलीफुल्ला तमिलनाडु के शिवगंगा जिले के कराईकुडी के रहने वाले हैं|  उनका जन्म २३ जुलाई १९५१ को हुआ|

श्री श्री रविशंकर

रविशंकर धर्म और अध्यात्म के प्रख्यात गुरु हैं| दुनिया भर में उनकी पहचान है| अनुयायी श्री श्री रविशंकर के नाम से अनुयायी पुकारते हैं| वे ऑर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के संस्थापक हैं| रविशंकर का जन्म तमिलनाडु  में १३ मई १९५६ को हुआ|  उनके पिता का नाम वेंकट रत्न था जो भाषाविद थे| १९८२ में रविशंकर ने ऑर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन की स्थापना की|

श्रीराम पंचू

श्रीराम पंचू चेन्नई के रहने वाले हैं| वह मद्रास हाई कोर्ट के वकील होने के साथ मशहूर मध्यस्थ यानी मीडिएटर हैं| कई केस में बतौर मीडिएटर और आर्बिट्रेटर वह सुलह-समझौते करवा चुके हैं| वह मीडिएशन चैंबर्स के फाउंडर हैं| वह इंडियन मीडिएटर्स एसोसिएशन के प्रेसीडेंट होने के साथ ही इंटरनेशनल मीडिएशन इंस्टीट्यूट (आईएमआई) के डायरेक्टर हैं| उन्होंने २००५ में उन्होंने भारत का पहला मध्यस्थता केंद्र स्थापित किया| उन्होंने मध्यस्थता को भारत की कानूनी प्रणाली का हिस्सा बनाने में अहम भूमिका निभाई| उन्होंने कॉमर्शियल, कारपोरेट और कांट्रैक्चुअल झगड़ों का निपटारा किया|

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