त्यौहार

रथ यात्रा २०१९

अषाढ़ी बीज २०१९

Rath Yatra 2019
349

रथ यात्रा २०१९, अषाढ़ी बीज २०१९, पूर्व भारतीय उड़ीसा राज्य का पुरी क्षेत्र जिसे पुरुषोत्तम पुरी, शंख क्षेत्र, श्रीक्षेत्र के नाम से भी जाना जाता है| पूर्ण परात्पर भगवान श्री जगन्नाथ जी की रथयात्रा आषाढ़ शुक्ल द्वितीया को जगन्नाथपुरी में आरम्भ होती है। जगन्नाथ पुरी रथ यात्रा में भगवान श्री कृष्ण जिन्हें जगन्नाथ भी कहते हैं, उनके भाई बलराम और बहन सुभद्रा का रथ बनाया जाता है। जगन्नाथजी के रथ को ‘गरुड़ध्वज’ या ‘कपिलध्वज’, बलराम जी के रथ को ‘तलध्वज’ और सुभद्रा जी का रथ “देवदलन” व “पद्मध्वज’ नाम से कहा जाता है| मान्यता है कि इस रथयात्रा के रथ के शिखर के दर्शन से मात्र ही मनुष्यों के कई जन्मों के पाप कट जाते हैं।

वृंदावन के जगन्नाथ मंदिर से भी भगवान की रथयात्रा निकलती है। इस दौरान मथुरा वृंदावन भी ओडिशा के जगन्नाथपुरी के समान नजर आता है। इस अवसर श्रीबांके बिहारीजी भी चांदी की रथ पर सवार होकर भक्तों को दर्शन देते हैं।

काशी और कानपुर में भी भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा धूमधाम से निकाली जाती है। भगवान का साथ देने के लिए लाखों श्रद्धालु रथ के साथ चलते हैं।

गुजरात के अहमदाबाद में भगवान जगन्नाथ रथयात्रा निलती है। करीब ३००० तक साधुओं का एक बड़ा दल हर बार अहमदाबाद पहुंचता है। भगवान जगन्नाथ के साथ उनके भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ यह यात्रा सरसपुर में रणछोड़दास मंदिर तक जाती है।

असम और पश्चिम बंगाल में भी भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली जाती है। इस यात्रा में शामिल होने के लिए लाखों लोग हिस्सा लेते हैं और यात्रा के दौरान फूलों की बारिश करते हैं।

जम्मू में भी सैकड़ों भक्तों द्वारा भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली जाती है। जम्मू कश्मीर में भक्तो काफी धूम धाम से रथयात्रा में सामिल होते है|

मध्यप्रदेश के भोपाल में भी रथयात्रा निकाली जाती है। यहां ढ़ोल नंगाड़ों के साथ धूमधाम से यात्रा निकाली जाती है।

देश की राजधानी दिल्ली, आंध्र प्रदेश और पंजाब के अमृतसर में भी भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली जाती है। रथ यात्रा के दौरान यहां भी भक्तों में भरपूर उत्साह रहता है और लोग रथ को एक बार खींचने और छूने के लिए लालायित रहते हैं।

देश के अलावा विदेशों में भी भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली जाती है। भारत के पड़ोसी देश बंग्लादेश, सैन फ्रांसिस्को और लंदन के अलावा कई देशों में रथयात्रा निकलती है।

Leave a Reply