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निजी कंपनियां बनाएंगी हथियार

निजी कंपनियां बनाएंगी सेना के लिए हथियार

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निजी कंपनियों को भी मिलेगी हथियार बनाने की मंजूरी, रक्षा मंत्रालय ने नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए विदेशी कंपनियों से किए गए हथियारों की टेक्नोलॉजी ट्रांसफर में निजी कंपनियों को चुनने की आजादी उसके पास रहेगी। अभी तक ऐसे मामलों में सरकारी कंपनियां ही भागीदार बनती थीं। इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक इन नियमों में बदलाव से सबसे ज्यादा नुकसान सरकारी कंपनियों जैसे कि एचएएल, बीईएल और बीडीएल को नुकसान होगा। पहले विदेशी कंपनियां केवल इन्हीं सरकारी कंपनियों के साथ टाइअप कर सकती थीं। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने इन नियमों को २७ सितंबर को लागू कर दिया था। इन नियमों में जो शर्ते तय की गई हैं उनमें कंपनी का संचालन भारतीय नागरिकों के पास होना चाहिए। इसके साथ उनको हथियार बनाने का कम से कम दो साल का अनुभव भी होना चाहिए। इन कंपनियों के पास उस हथियार को बनाने का पहले से लाइसेंस भी होना चाहिए।

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