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कूड़े के ढेर में पड़ी बिलबिला रही थी लावारिस मासूम

विनोद कापड़ी और साक्षी जोशी ने बची को नई ज़िन्दगी देकर खुद अपनाया

Pihu
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कूड़े के ढेर में पड़ी बिलबिला रही थी लावारिस मासूम, विनोद कापड़ी और साक्षी जोशी ने बची को नई ज़िन्दगी देकर खुद अपनाया| राजस्थान के नागौर जिले के बरनेल में कचरे ढेर में मिली नवजात का मामला अब एक बड़ी खबर बन चुकी है| ट्विटर पर वीडियो डालने के बाद बच्ची की ख़बर मिली तो विनोद कापड़ी ने एक रिपोर्टर को तुरंत वहा भिजवाया और फिर उस बची का उसने इलाज करवाया|

बची की किस्मत अछि थी की उसे विनोद कापड़ी जैसे लोगो सो कुदरत ने भेजा| क्योकिं एक तरफ तपता सूरज था तो दूसरी और कुढ़े ढेर के आसपास घूम रहे आवारा जानवर लेकिन भगवान को तो कुछ और ही मंजूर था| कहते है मारने वाले से बचाने वाला बड़ा होता है| लेकिन ऐसी न जाने कितनी मासूम हैं जो यूं ही कूड़े के ढेर में तड़प तड़प कर दम तोड़ देतीं हैं। उपरवाले ने भी सभी की किस्मत लिखी है कब क्या हो जाए उसका किसी को भी मालूम नहीं|

विनोद कापड़ी जो एक पत्रकार है और उसकी पत्नी साक्षी जोशी भी पत्रकार है जिसने बच्ची को इस हालत में देख उसका इलाज नागौर के जेएलएन अस्पताल में किया| विनोद कापड़ी ट्विट करके बताया की इस मासूम को ‘पीहू’ नाम देते हुए कहा कि ‘मुझे नहीं लगता कि १४ जून से बड़ा दिन जीवन में कभी आया है या कभी आएगा- जब सिर्फ ये एहसास भर है कि घर में ये प्यारी बच्ची आने वाली है। हमें एहसास है कि देश में गोद लेने की प्रकिया जटिल और लंबी है।पर उम्मीद है कि आप लोगों की दुआओं और प्यार हर मुश्किल को पार करेगा और ये बिटिया घर आएगी’।

वरिष्ठ पत्रकार और फिल्मकार विनोद कापड़ी ने सोशल मीडिया पर अपनी सक्रियता के दौरान एक बड़ा सरोकारी कदम उठाया है। जिसने ‘पीहू’ फिल्म बनाई थी ये वही विनोद कापड़ी है| विनोद ने इस बच्ची को गोद लेने का एलान किया और कागजी कार्यवाही की औपचारिकता पूरी करने में जुट गए हैं। विनोद के इस बड़े और नेक फैसले की हर कोई तारीफ कर रहा है। ये इंसानियत की एक मिसाल है। जिस तरह कहा जाता है पत्रकारिता को हमारे भारत देश में चौथा स्तंभ कहा जाता है वह सही है| विनोद कापड़ी ने अपनी प्रोफाइल पिक्चर में पिहू की फोटो लगादी है|

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