त्यौहार

महाशिवरात्रि व्रत

शिवरात्रि व्रत

God Shivji
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महाशिवरात्रि व्रत, भगवान की आराधना करे, उपवास रखे| साथ ही वह भगवान से अपनों के दुखों को दूर करने का भी वरदान मांगे| जीवन में तरक्की की कामना करता है| शिव की उपासना और व्रत रखने से क्या-क्या फल मिलते हैं| माना जाता है कि महाशिवरात्रि के सिद्ध मुहूर्त में शिवलिंग को प्राण प्रतिष्ठित करवाकर स्थापित करने से व्यवसाय में वृद्धि और नौकरी में तरक्की मिलती है|

शिवरात्रि के प्रदोष काल में स्फटिक शिवलिंग को शुद्ध गंगा जल, दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से स्नान करवाकर धूप-दीप जलाकर मंत्र का जाप करने से समस्त बाधाओं का शमन होता है| बीमारी से परेशान होने पर और प्राणों की रक्षा के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें| महामृत्युंजय मंत्र का जाप रुद्राक्ष की माला से करें| मंत्र दिखने में जरूर छोटा दिखाई देता है, किन्तु प्रभाव में अत्यंत चमत्कारी है|

महाशिवरात्रि के दिन एक मुखी रुद्राक्ष को गंगाजल से स्नान करवाकर धूप-दीप दिखा कर तख्ते पर स्वच्छ कपड़ा बिछाकर स्थापित करें| शिव रूप रुद्राक्ष के सामने बैठ कर सवा लाख मंत्र जप का संकल्प लेकर जाप आरंभ करें| जप शिवरात्रि के बाद भी जारी रख सकते हैं. मंत्र इस प्रकार है- ॐ नम: शिवाय.

‘जय-जय शंकर, हर-हर शंकर’ का कीर्तन करना चाहिए| इस दिन सामर्थ्य के अनुसार रात्रि जागरण अवश्य करना चाहिए| शिवालय में दर्शन करना चाहिए| कोई विशेष कामना हो तो शिवजी को रात्रि में समान अंतर काल से पांच बार शिवार्चन और अभिषेक करना चाहिए| किसी भी प्रकार की धारा लगाते समय शिवपंचाक्षर मंत्र का जप करना चाहिए|

इस पर्व का महत्व सभी पुराणों में वर्णित है| इस दिन शिवलिंग पर जल अथवा दूध की धारा लगाने से भगवान की असीम कृपा सहज ही मिलती है| इनकी कृपा से कुछ भी असंभव नहीं है|

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