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चंद्र ग्रहण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

चंद्र ग्रहण का तथ्यर

Lunar Eclipse
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चंद्र ग्रहण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी, चंद्र ग्रहण का तथ्‍य, २१ जनवरी को लगने वाला चंद्र ग्रहण मध्य प्रशांत महासागर, उत्तरी/दक्षिणी अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका में दिखाई देगा। भारतीय समयानुसार, यह ग्रहण रात ०८:०७:३४ से अगले दिन १३:०७:०३ बजे तक रहेगा। इस चंद्र ग्रहण को सुपर मून इसलिए कहा जाता है, क्योंकि यह चांद सामान्य दिनों की तुलना में  बड़ा और ज्यादा चमकीला नजर आता है। ग्रहण के समय चांद पृ्थ्वी के करीब होता है, जिसके कारण चांद सुर्ख लाल (गहरा भूरा) रंग का हो जाता है। रात के अंधेरे में यह नजारा काफी अद्भुत होता है। इसके कारण इसे ब्लड मून भी कहा जाता

ग्रहण दिखाई दे या ना दे लेकिन उसका असर समस्त पृथ्वी पर होता है। ज्योतिषीय आकलन के अनुसार किसी भी ग्रहण का असर पृथ्वी पर १०८ दिनों तक रहता है। खासकर जिस राशि और नक्षत्र पर ग्रहण हो रहा है, उससे संबंधित जातकों को विशेष सावधानी रखने की आवश्यकता होती है।

भारतीय समयानुसार ये चंद्रग्रहण सुबह १०:११ बजे से शुरू होगा और तकरीबन १ घंटा यानि ११:१२ बजे तक रहेगा। सूतक २० जनवरी की रात ९ बजे से ही शुरू हो जाएगा। चंद्र ग्रहण के बाद स्नान और दान करें। गेहूं, धान, चना, मसूर दाल, गुड़, चावल,काला कम्बल, सफेद-गुलाबी वस्त्र, चूड़ा, चीनी, चांदी-स्टील की कटोरी में खीर दान करने से लाभ होगा।

सूर्यग्रहण की तरह ही चंद्रग्रहण भी आंशिक और पूर्ण हो सकता है| जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सरल रेखा में होते हैं तो चंद्रग्रहण की स्थिति होती है| जब सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आ जाती है तो सूर्य की पूरी रोशनी चंद्रमा पर नहीं पड़ती है, इसे चंद्रग्रहण कहते हैं| चंद्रग्रहण हमेशा पूर्णिमा की रात में ही होता है| एक साल में अधिकतम तीन बार पृथ्वी के उपछाया से चंद्रमा गुजरता है, तभी चंद्रग्रहण लगता है|

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