धर्म

ग्रहों के रंग से मनुष्य जीवन कैसे बदल सकता है

ग्रहों के कारण ही पृथ्वी पे वनस्पतियां और खनिज पदार्थ है

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ग्रहों के रंग से मनुष्य जीवन कैसे बदल सकता है, ग्रहों के कारण ही पृथ्वी पे वनस्पतियां, खनिज पदार्थ और प्राजातियों उपलब्ध है| हमारा जीवन प्रकृति के द्वारा संचालित होता है| कैसे रंग और ग्रह हमारे जीवन को प्राभावित करते हैं। इसे समझने के लिए जानिए ग्रह का अपना एक रंग होता है जिससे धरती प्रभावित होती है।

सूर्य ग्रह

सूर्य का रंग नारंगी और सुनहरा होता है। सूर्यमुखी जैसे फूल, गेहूं, सिंह, बंदर, पहाड़ी गाय, कपिला गाय, सोना, तेजफल का वृक्ष आदि सभी सूर्य के तेज असर के कारण ही जन्मे हैं।

चंद्र ग्रह

चंद्रमा को देखने हैं तो वह सफेद रंग का दिखाई देता है| चंद्रमा हमारी धरती के जल पर सबसे ज्यादा असर डालता है। घोड़ा, दूध, सफेद फूल, चांदी, मोती, हरा पौधा और सभी दूध वाले वृक्ष पर चंद्र का ही सबसे ज्यादा असर होता है।

मंगल ग्रह

मंगल ग्रह लाल दिखाई देता है। धरती पर जितनी भी लाल जगह है उसमें मंगल का ही असर है। शेर, लाल पत्थर, लाल फूल, ऊंट-ऊंटनी, हिरन, ढाक का वृक्ष और लाल चमकीला पत्थर मंगल के असर के कारण ही है।

बुध ग्रह

बुध का रंग हरा होता है लेकिन कुछ लोग बुध का रंग श्याम भी मानते हैं। बकरा, बकरी, भेड़, चमगादड़, केला, पन्ना, चौड़े पत्ते के पौधे या वृक्ष ये सभी बुध ग्रह के असर से हैं।

बृहस्पति ग्रह

बृहस्पति का रंग पीला है। मांगलिक कार्यों में पीले रंग और इससे संबंधित रंगों का महत्व रहता है। बब्बर शेर, पीपल, सोना और पुखराज पर इसका असर होता है। घर की फर्श पीले रंग की रख सकते हैं।

शुक्र ग्रह

शुक्र ग्रह पर जल की अधिकता है इसलिए उसमें नीले रंग के साथ सफेद भी मिला है। इसका ज्योतिष के अनुसार सफेद और गुलाबी रंग होता है। मिट्टी, मोती, कपास का पौधा, बैल, गाय और हीरा पर शुक्र का असर होता है।

शनि ग्रह

शनि का रंग वैसे तो काला है लेकिन उसे कहीं-कहीं नीला भी कहा गया है| गीद्ध, भैंस, भैंसा, लोहा, फौलाद, जूता, जुराब, कीकर, आक, खजूर का वृक्ष और नीलम पर शनि का असर है तभी तो वे हैं।

राहु ग्रह

राहु का रंग वैसे तो नीला है लेकिन कहीं-कहीं काला भी होता है। कांटेदार जंगली चूहा, नारियल का पेड़, कुत्ता घास, नीलम, सिक्का, गोमेद पर राहु का ही असर होता है।

केतु ग्रह

केतु का रंग चमकीला होता है, लेकिन काला और सफेद एक साथ है। द्विरंगा पत्थर, दुपट्टा, कंबल, ओढ़नी, ध्वज, कुत्ता, गधा, सूअर, छिपकली, इमली का दरख्त, तिल के पौधे और केले पर इसका असर होता है।

धरती

धरती का रंग चंद्रमा से नीला दिखाई देता है। क्योंकि इसपर ७० प्रतिशत जल है।

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