त्यौहार

होलिका दहन पूजा

होलिका दहन विधि और फायदे

Holi Card
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होलिका दहन पूजा, होलिका दहन विधि और फायदे, होलिका दहन के अगले दिन रंगवाली होली खेली जाती है जिसे श्री राधा-कृष्ण के पवित्र प्रेम की याद में भी मनाया जाता है। नारद पुराण के अनुसार होली पर पितरों की पूजा करने से दोष दूर होते हैं। वहीं होली की पूजा करने से महालक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। होली की परिक्रमा करने से हर तरह की परेशानियां, रोग और दोष खत्म हो जाते हैं।

होलिका दहन कैसे करे पूजा

होलिका दहन के समय एक नारियल के सूखे गोले में जौ, तिल, चावल और शक्कर के साथ घी भरें। फिर उसे जलती हुई होली की अग्नि में डाल दें।

इस दिन तर्पण-पूजा करने से हर तरह के दोषों से छुटकारा मिल जाता है।

होलिका दहन होने से पहले या बाद में शाम के समय घर में उत्तर दिशा में शुद्ध घी का दीपक जलाएं।

होलिका दहन में जौ और गेहूं के पौधे डालते हैं।

होली का पर्व साल में आने वाले सबसे बड़े त्योहारों में से एक है जिसे केवल भारत में ही नहीं बल्कि दूर देशों में भी बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। क्या बच्चे, क्या बड़े, क्या महिलाएं और क्या पुरुष सभी इस पर्व का भरपूर आनंद उठाते हैं। इसीलिए तो इसे आनंद और उल्लास का पर्व भी कहा जाता है। लाल, पीले, हरे, गुलाबी आदि रंगों से रंगे गाल माहौल को और खुशनुमा बना देते है।

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