त्यौहार

होलिका दहन पूजन विधि

होलिका दहन सरल पूजन विधि

Holi Wishes
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होलिका दहन पूजन विधि, होलिका दहन सरल पूजन विधि, रंगों की होली खेलने से पूर्व होलिका पूजन की परंपरा प्रचलित है। होलिका दहन करने से पहले होली की पूजा की जाती है। पूजा करते समय पूजा करने वाले व्यक्ति को होलिका के पास जाकर पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठना चाहिए।

होलिका दहन पूजा सामग्री

एक लोटा धान, जल, माला, चावल, पुष्प, सूत, गुड़, साबुत हल्दी, मूंग, बताशे, गुलाल, नारियल आदि का प्रयोग करना चाहिए।

एक माला पितरों के नाम की, दूसरी हनुमानजी के नाम की, तीसरी शीतलामाता के नाम की तथा चौथी अपने घर-परिवार के नाम की होती है।

कच्चे सूत को होलिका के चारों ओर तीन या सात परिक्रमा करते हुए लपेटना चाहिए।

गंध-पुष्प का प्रयोग करते हुए पंचोपचार विधि से होलिका का पूजन किया जाता है। पूजन के बाद जल से अर्घ्य दें।

गेहूं, उड़द, मूंग, चना, जौ, चावल और मसूर भी अर्पित करें।

होलिका के चारों ओर परिक्रमा करनी चाहिए। भस्म लाकर चांदी की डिबिया में रखना चाहिए।

होली का पर्व साल में आने वाले सबसे बड़े त्योहारों में से एक है जिसे केवल भारत में ही नहीं बल्कि दूर देशों में भी बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। क्या बच्चे, क्या बड़े, क्या महिलाएं और क्या पुरुष सभी इस पर्व का भरपूर आनंद उठाते हैं। इसीलिए तो इसे आनंद और उल्लास का पर्व भी कहा जाता है। लाल, पीले, हरे, गुलाबी आदि रंगों से रंगे गाल माहौल को और खुशनुमा बना देते है।

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