त्यौहार

होली की वार्ता

होलिकादहन की वार्ता

Happy Holi Cards
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होली की वार्ता, होलिकादहन की वार्ता, हिरणाकश्यप नाम का रजा था उसे देवताओं से बहुत नफरत थी| वह देवताओं के देव विष्णु भगवान को अपना सबसे बड़ा दुश्मन मानता था| लेकिन हिरणाकश्यप का पुत्र प्रहलाद भगवान विष्णु का परम भक्त था| हिरणाकश्यप ने पहलाद को डराकर धमका कर समझाने का कई बार प्रयास किया, लेकिन हर बार असफल रहा|

विष्णु भक्त प्रहलाद को मृत्यु दंड देने में असफल होने के बाद हिरण्यकश्यप की बहन होलिका ने प्रहलाद को आग से जला कर मृत्यु दंड देने की योजना बनाई| दरअसल हिरणाकश्यप की बहन होलिका को वरदान प्राप्त था, कि वह अग्नि में नहीं जलेगी|

जब होलिका प्रहलाद को लेकर आग में गई| तो होलिका अग्नि में जल कर राख हो गई और पहलाद ज्यों के त्यों अग्नि से बाहर आए| प्रहलाद के जिंदा बचने की खुशी में लोगों ने इस दिन को त्योहार के रूप में मनाना शुरू कर दिया और यही से होली नामक त्यौहार|

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