त्यौहार

होलि का रोगनाशक मंत्र

रोगों से होंगी मुक्ति

Holi Wishes
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होलि का रोगनाशक मंत्र, रोगों से होंगी मुक्ति, होली की रात को पढ़ें ये मंत्र, रोगों के लिए चिकित्सा और औषधियां ही काम करती हैं| यदि कोई जातक लंबे समय से किसी रोग से पीड़ित है और वह उस रोग से मुक्ति चाहता है तो उसे होली की रात को तुलसी की माला के साथ इस विशेष मंत्र का 1008 बार जाप करना चाहिए।

होलि का मंत्र

“ॐ नमो भगवते रुद्राय मृतार्क मध्ये संस्थिताय मम शरीरं अमृतं कुरु कुरु स्वाहा”

होली का पर्व साल में आने वाले सबसे बड़े त्योहारों में से एक है जिसे केवल भारत में ही नहीं बल्कि दूर देशों में भी बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। क्या बच्चे, क्या बड़े, क्या महिलाएं और क्या पुरुष सभी इस पर्व का भरपूर आनंद उठाते हैं। इसीलिए तो इसे आनंद और उल्लास का पर्व भी कहा जाता है। लाल, पीले, हरे, गुलाबी आदि रंगों से रंगे गाल माहौल को और खुशनुमा बना देते है।

बहुत से लोग होली के दिन ही अपनी पुरानी दुश्मनी भुलाकर दोस्तों को होली मुबारक करते हैं। सांस्कृतिक रूप से होली ऐसा पर्व है जिसे मनाने वालों में कोई भिन्नता नहीं होती सभी एक ही रंग में रंगे एक दूसरे के साथ ख़ुशी के इस पर्व का आनंद उठाते हैं। लेकिन सांस्कृतिक महत्व होने के साथ-साथ होली का धार्मिक रूप से भी बहुत अधिक महत्व है।

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