धर्म

श्रीहनुमद्रक्षास्तोत्रम्

हनुमान जयंती रक्षा स्तोत्रम

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श्रीहनुमद्रक्षास्तोत्रम्, हनुमान जयंती रक्षा स्तोत्रम, हनुमान जन्मोत्सव एक हिन्दू पर्व है। यह चैत्र माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस दिन हनुमानजी का जन्म हुआ माना जाता है।  हनुमान जयंती पर रामचरितमानस के सुन्दरकाण्ड पाठ को पढना भी हनुमानजी को प्रसन्न करता है।

इन्हें बजरंगबली के रूप में जाना जाता है क्योंकि इनका शरीर एक वज्र की तरह था। वे पवन-पुत्र के रूप में जाने जाते हैं। हिँदू महाकाव्य रामायण के अनुसार, हनुमान जी को वानर के मुख वाले अत्यंत बलिष्ठ पुरुष के रूप में दिखाया जाता है।

॥ श्रीहनुमद्रक्षास्तोत्रम् ॥

वामे करे वैरिभिदं वहन्तं शैलं परे शृङ्खलहारटङ्कम् ।

ददानमच्छाच्छसुवर्णवर्णं भजे ज्वलत्कुण्डलमाञ्जनेयम् ॥ १ ॥

पद्मरागमणिकुण्डलत्विषा पाटलीकृतकपोलमस्तकम् ।

दिव्यहेमकदलीवनान्तरे भावयामि पवमाननन्दनम् ॥ २ ॥

उद्यदादित्यसङ्काशमुदारभुजविक्रमम् ।

कन्दर्पकोटिलावण्यं सर्वविद्याविशारदम् ॥ ३ ॥

श्रीरामहृदयानन्दं भक्तकल्पमहीरुहम् ।

अभयं वरदं दोर्भ्यां कलये मारुतात्मजम् ॥ ४ ॥

वामहस्ते महाकृच्छ्रदशास्यकरमर्दनम् ।

उद्यद्वीक्षणकोदण्डं हनूमन्तं विचिन्तयेत् ॥ ५ ॥

स्फटिकाभं स्वर्णकान्तिं द्विभुजं च कृताञ्जलिम् ।

कुण्डलद्वयसंशोभिमुखाम्भोजं हरिं भजे ॥ ६ ॥

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