धर्म

पूजा के समय गुग्गल जलाने से स्वच्छ और सुगंधित वातावरण होता है

गुग्गल जलाने से पूरे घर में सुगंधित वातावरण हो जाता है और मन भी प्रसन्न होता है

GuggulGuggul
336

भगवान की पूजा के दौरान जब गुग्गल जलाते हैं तो इसके एंटी ऑक्सिडेंट गुणों की वजह से विभिन्न शारीरिक रोगों में भी फायदा होता है। गुग्गल में ये गुण होते हैं। इनकी गंध कीट-पतंगों से बर्दाश्त नहीं होती, इसलिए गुग्गल जलाते हैं तब इसकी गंध से बैक्टीरिया-वायरस आदि सुक्ष्म जीव नष्ट हो जाते हैं। आयुर्वेद के अनुसार, गुग्गल की खुशबू सूंघने से ही कफ संबंधित दोष कम होते हैं। विभिन्न आयुर्वेदिक औषधियों में भी इसका उपयोग किया जाता है। इसकी गंध से वातावरण सुगंधित और स्वच्छ हो जाता है।

Leave a Reply