त्यौहार

अक्षय तृतीया २०१९, आखा तीज २०१९

महासंयोग बन रहा हे, धनकी देवी माता लक्ष्मी को प्रस्सन करे

Akshaya Tritiya
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अक्षय तृतीया २०१९, महासंयोग बन रहा हे, धनकी देवी माता लक्ष्मी को प्रस्सन करे, वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 7 मई को पड़ रही है। इस तिथि को अक्षय तृतीया और आखा तीज मनाया जाता है। इस तिथि का हिंदू धर्म में बहुत अधिक महत्व है। पंचांग के मुताबिक अक्षय तृतीया बहुत ही शुभ दिन माना जाता है। कोई भी शुभ कार्य जैसे विवाह आदि के लिए इस दिन पंचांग देखने की जरूररत नहीं पड़ती। इस बार 15 साल बाद अक्षय तृतीया पर सूर्य, शुक्र, चंद्र और राहु अपनी उच्च राशि में प्रवेश करेंगे। यह संयोग स्वयं में दुर्लभ माना जाता है, जिससे इस बार यह दिन बहुत ही लाभदायक है।

एक सरकारी अधिकारी ने रविवार को बताया कि तीर्थयात्रियों के लिए गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिर के कपाट जहां अक्षय तृतिया के पावन पर मंगलवार को खुलेंगे, वहीं केदारनाथ के कपाट गुरुवार को और बद्रीनाथ के कपाट शुक्रवार को खुलेंगे|

अक्षय तृतीया के दिन जो भी काम किया जाए उसका फल कई गुना मिलता है| अक्षय तृतीया के दिन से सतयुग और त्रेता युग का आरंभ हुआ था। नर-नारायण, परशुराम और हयग्रीव का अवतार भी अक्षय तृतीया के दिन हुआ था। इस बार अक्षय तृतीया के दिन कई शुभ संयोग बन रहे हैं। अक्षय तृतीया के दिन दान का अक्षय फल मिलता है। अक्षय तृतीया के दिन सूर्य मेष, चंद्रमा वृषभ और शुक्र मीन राशि में रहेंगे। ये तीनों ग्रह अपनी-अपनी उच्च राशि में रहेंगे। सूर्य के साथ बुध की युति होने से बुधादित्य योग बन रहा है।

प्राचीन समय में इसी तिथि पर भगवान विष्णु के अवतार परशुराम का जन्म हुआ था। ऋषि जमदग्नि और रेणुका परशुराम के माता-पिता थे। भारत में धनतेरस के बाद सबसे ज्यादा सोने की खरीददारी अक्षय तृतीया पर होती है| अक्षय तृतीया के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठना चाहिए। सुबह उठकर स्नान करने के बाद पीले कपड़े पहने। इसके बाद भगवान विष्णु को गंगाजल से नहलाकर, पीले फूलों की माला चढ़ाएं। इसी के साथ गरीबों को भोजन कराना और दान देना शुभ माना जाता है।

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